बीजापुर १. जिला, स्थिति : १६�५०� उ.अ. तथा ७५�४०� पू.दे.। यह भारत के मैसूर राज्य में स्थित जिला है, जिसके उत्तर में महाराष्ट्र राज्य, पूर्व में गुलबर्गा, दक्षिण में रायचूर एवं धारवाड़ तथा पश्चिम में बेलगाँव जिले स्थित हैं। इसका क्षेत्रफल ६,५९४ वर्ग मील तथा जनसंख्या १६,६०,१७८ (१९६१) है। कृष्णा यहाँ की प्रमुख नदी है तथा उत्तर-पूर्वी सीमा पर भीमा नदी बहती है। मार्च एवं अप्रैल का अधिकतम ताप लगभग ४३�सें. तथा सबसे अधिक ठंडे मास जनवरी का ताप लगभग २५�सें. तक पहुँच जाता है। बीजापुर नगर की औसत वार्षिक वर्षा २४ इंच है। यहाँ प्राप्त काली एवं लाल मिट्टी में ज्वार, बाजरा, गेहूँ दलहन, कपास तथा तिलहन की कृषि होती है।
२. नगर, स्थिति : १६�४९� उ.अ. तथा ७५�४३� पू.दे.। बीजापुर जिले में, बंबई से ३५० मील दक्षिण-पूर्व स्थित नगर है। पठारी भाग में स्थित होने के कारण इसकी जलवायु शुष्क एवं स्वास्थ्यकार है। बीजापुर का महत्व ऐतिहासिक दृष्टि से अधिक है। यहाँ प्राचीन महलों के खंडहर, मस्जिद, मकबरे आदि हैं। यहाँ मोहम्मद आदिलशाह का मकबरा (गोल गुंबज) है, जिसके ऊपर संसार का द्वितीय विशालतम गुंबज है। नगर में अनाज तथा पशुओं का व्यापार अधिक होता है। इसकी जनसंख्या ७४,८५४ (१९६१) है। गुजरात राज्य के महेसाणा जिले में भी इसी नाम का एक नगर है। (रा.स.ख.)
इतिहास - जब १५वीं शती में बहमनी राज्य पाँच स्वतंत्र राज्यों में विभक्त हुआ तो बीजापुर में आदिलशाही राजवंश सत्तारूढ़ हुआ (दे. बीजापुर का आदिलशाही राजवंश)। १६८६ में औरंगजेब ने इस वश का अंत कर दिया। १७२४ में निजाम ने दक्षिण में स्वतंत्र राज्य कायम करते हुए बीजापुर भी ले लिया। १७६० में इस पेशवा ने छीन लिया। पेशवा का पतन होते ही १८१८ में अंग्रेजों ने इसे हथिया कर सतारा के राजा को सौंप दिया। उत्तराधिकार के झगड़े से तंग आकर अंग्रेजी सरकार ने सतारा राज्य को सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया। (१८४८)। १८८५ में बीजापुर जिले का प्रशासकीय केंद्र बना दिया गया। स्वतंत्रताप्राप्ति के पश्चात् यह मैसूर राज्य का एक जिला हो गया।(रामसहाय खरे)