क्लिंजर (१८५७-१९२०) चित्रकला, शिल्पकला और एचिंग (खुदाई) कला में निष्णात् जर्मन कलाकार। इसका जन्म लाइपत्सिग में एक व्यापारी के घर हुआ था। सन् १८७४ में कार्लस्रुन में कला के अध्ययन अभ्यास का श्रीगणेश किया। सन् १८७८ में इनकी कला तथा हस्तकौशल की कटु आलोचना हुई। मूर्खतापूर्ण अनावश्यक शंकाएँ उपस्थित कर कुछ काल तक इनकी कला पर प्रतिबंध लगाया गया था। अंतत: बर्लिन की नैशनल गैलरी में इनके चित्रों को स्थान मिला। बाइबिल और पौराणिक विषयों से संबंधित इनकी त्रासात्मक कलाकृतियाँ लाइपत्सिग युनिवर्सिटी तथा म्यूज़ियम के लिये विशेष रूप से बनाई गई थी। (भाऊ समर्थ)